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हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण और इलाज: कैसे पहचानें और क्या करें?

SaaolDelhi September 18, 2026 1 min read

हार्ट ब्लॉकेज में दिल की नसों में फैट और कोलेस्ट्रॉल जमने लगता है। इसके आम लक्षण हैं सीने में दबाव, सांस फूलना और जल्दी थकना। लेकिन कई बार लक्षण नहीं दिखते। सिर्फ लक्षणों या ECG से कोरोनरी ब्लॉकेज की पुष्टि नहीं होती। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार stress test, CT coronary angiography या coronary angiography जैसी जांचों की सलाह दे सकते हैं। 

सीढ़ियां चढ़ते समय सीने में भारीपन हुआ और आराम करते ही ठीक हो गया, इसे अक्सर gas या कमजोरी मान लिया जाता है। हर ऐसा दर्द blockage नहीं होता, पर बार-बार होने पर इसे टालना भी ठीक नहीं। 

आइए इस ब्लॉग से आसान भाषा में हार्ट ब्लॉकेज के लक्षण, जांच और हार्ट ब्लॉकेज का इलाज समझें।

हार्ट ब्लॉकेज क्या है और क्यों होता है?

जब दिल तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरीज में प्लाक यानी चर्बी जैसा पदार्थ जमा होने लगता है, तो नसें संकरी हो जाती हैं और खून का बहाव कम हो जाता है। इस स्थिति को हार्ट ब्लॉकेज कहते हैं। अगर ब्लॉकेज बहुत बढ़ जाए या खून का थक्का नस को बंद कर दे, तो सीने में दर्द या हार्ट अटैक हो सकता है।  

धूम्रपान, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, हाई बीपी, बढ़ा हुआ वजन, कम चलना-फिरना और गलत खान-पान दिल की नसों में प्लाक जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। इसके अलावा, परिवार में कम उम्र में दिल की बीमारी का इतिहास होने पर भी हार्ट ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है।

WHO भी तंबाकू, गलत खान-पान और कम शारीरिक गतिविधि को दिल की बीमारी के बड़े कारणों में गिनता है।

हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

हार्ट ब्लॉकेज के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

  • सीने में दबाव या दर्द (एंजाइना): चलने, सीढ़ियां चढ़ने या मेहनत करने पर सीने में दर्द, दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस हो सकता है।
  • सांस फूलना या थकावट: सामान्य काम करते समय भी सांस फूल सकती है या शरीर में असामान्य थकान महसूस हो सकती है।
  • बाएं हाथ, पीठ, जबड़े या गर्दन में दर्द: सीने का दर्द या बेचैनी बाएं हाथ, कंधे, पीठ, जबड़े या गर्दन तक फैल सकती है।
  • बार-बार पसीना आना: बिना गर्मी या ज्यादा मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना दिल की परेशानी का संकेत हो सकता है।
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना: दिल बहुत तेज धड़कता हुआ, फड़फड़ाता हुआ या बीच-बीच में धड़कन छूटती हुई महसूस हो सकती है। हालांकि, इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
  • नींद के दौरान घबराहट या बेचैनी: रात में अचानक घबराहट, सीने में बेचैनी या सांस की परेशानी के कारण नींद खुल सकती है। इन लक्षणों की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं, इसलिए जांच जरूरी है।
  • चलने पर जल्दी थक जाना: पहले जितनी दूरी आसानी से चल लेते थे, अब उतना चलने पर ही थकान, सांस फूलना या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है।

कभी-कभी शुरुआत में हार्ट ब्लॉकेज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। NHLBI के अनुसार, कुछ लोगों में शुरुआती परेशानी केवल मेहनत करने या तनाव के समय महसूस होती है। इसलिए इन symptoms को अक्सर सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। 

महिलाओं और डायबिटीज वाले लोगों में तेज सीने के दर्द की जगह बहुत थकान, सांस फूलना, मितली या पीठ और जबड़े में दर्द हो सकता है।

कब तुरंत अस्पताल जाएं?

अगर सीने में दर्द, दबाव या भारीपन कुछ मिनट आराम करने के बाद भी कम न हो, बार-बार लौटे या लगातार बढ़ता जाए, तो इसे नजरअंदाज न करें। खासकर जब इसके साथ सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, उल्टी जैसा महसूस होना या बेहोशी हो।

दर्द सीने से हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल रहा हो, तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। 

दिल में ब्लॉकेज कैसे पता करें?

सिर्फ लक्षणों से ब्लॉकेज पक्का नहीं होता। डॉक्टर परेशानी, उम्र, बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और पारिवारिक इतिहास देखकर टेस्ट चुनते हैं। NHLBI भी पूरी स्थिति देखकर जांच करने की सलाह देता है।

टेस्ट क्या पता चलता है
ईसीजी दिल की धड़कन; सामान्य ईसीजी के बाद भी ब्लॉकेज हो सकती है
खून की जांच शुगर, कोलेस्ट्रॉल और जरूरत पर ट्रोपोनिन
ईको दिल कितनी अच्छी तरह पंप कर रहा है
टीएमटी/स्ट्रेस टेस्ट मेहनत में दिल को खून कम मिलने के संकेत
सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी दिल की नसों और प्लाक की तस्वीर
कोरोनरी एंजियोग्राफी ब्लॉकेज कहां और कितनी है

हार्ट ब्लॉकेज का प्रतिशत (%) क्या बताता है?

हार्ट ब्लॉकेज का प्रतिशत बताता है कि दिल की नस कितनी narrow हो चुकी है। जैसे, 70% ब्लॉकेज का मतलब है कि नस का रास्ता लगभग 70% तक narrowed दिखाई दे रहा है।

लेकिन इलाज केवल ब्लॉकेज के प्रतिशत के आधार पर तय नहीं होता। डॉक्टर यह भी देखते हैं कि ब्लॉकेज किस नस और किस जगह पर है, मरीज को क्या लक्षण हैं, दिल कितनी अच्छी तरह पंप कर रहा है और ब्लड फ्लो कितना प्रभावित हुआ है।

जरूरत पड़ने पर FFR या iFR जैसे टेस्ट से यह जांचते हैं कि ब्लड फ्लो पर वास्तव में कितना असर पड़ा है। 

  • सीने में दबाव या दर्द (एंजाइना): चलने, सीढ़ियां चढ़ने या मेहनत करने पर सीने में दर्द, दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस हो सकता है।
  • सांस फूलना या थकावट: सामान्य काम करते समय भी सांस फूल सकती है या शरीर में असामान्य थकान महसूस हो सकती है।
  • बाएं हाथ, पीठ, जबड़े या गर्दन में दर्द: सीने का दर्द या बेचैनी बाएं हाथ, कंधे, पीठ, जबड़े या गर्दन तक फैल सकती है।
  • बार-बार पसीना आना: बिना गर्मी या ज्यादा मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना दिल की परेशानी का संकेत हो सकता है।
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना: दिल बहुत तेज धड़कता हुआ, फड़फड़ाता हुआ या बीच-बीच में धड़कन छूटती हुई महसूस हो सकती है। हालांकि, इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं।
  • नींद के दौरान घबराहट या बेचैनी: रात में अचानक घबराहट, सीने में बेचैनी या सांस की परेशानी के कारण नींद खुल सकती है। इन लक्षणों की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं, इसलिए जांच जरूरी है।
  • चलने पर जल्दी थक जाना: पहले जितनी दूरी आसानी से चल लेते थे, अब उतना चलने पर ही थकान, सांस फूलना या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है।

2023 AHA/ACC Guideline के अनुसार, इलाज तय करते समय केवल ब्लॉकेज का प्रतिशत नहीं, बल्कि उससे ब्लड फ्लो कितना प्रभावित हुआ है, यह देखना भी जरूरी है।

50%, 70% और 90% ब्लॉकेज का मतलब विस्तार से समझें और अपनी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर से सही इलाज पर चर्चा करें। 

हार्ट ब्लॉकेज का इलाज कैसे किया जाता है?

इलाज का लक्ष्य लक्षण कम करना, ब्लॉकेज को बढ़ने से रोकना और हार्ट अटैक का खतरा घटाना है। 2023 AHA/ACC गाइडलाइन मरीज की पूरी स्थिति देखकर फैसला लेने की सलाह देती है।

जीवनशैली और दवाएं

धूम्रपान छोड़ें, डॉक्टर की सलाह से एक्सरसाइज करें और बीपी, शुगर व कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखें। फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज ज्यादा लें। कोई घरेलू नुस्खा नस को तुरंत साफ नहीं करता। हार्ट के लिए फायदेमंद भारतीय खाना अपनी डाइट में शामिल करें। 

डॉक्टर स्टैटिन, एंटीप्लेटलेट, बीपी, डायबिटीज या सीने के दर्द की दवाएं दे सकते हैं। NHLBI के अनुसार दवा और जीवनशैली दोनों जरूरी हैं। दवा खुद से शुरू या बंद न करें।

एंजियोप्लास्टी, बायपास और ईईसीपी

एंजियोप्लास्टी में स्टेंट से narrowed artery खोली जाती है। बायपास सर्जरी में खून पहुंचाने का नया रास्ता बनाया जाता है। सही इलाज ब्लॉकेज की जगह, लक्षण, दिल की पंपिंग और पूरी सेहत पर निर्भर करता है।

कुछ मरीजों में EECP बिना surgery का विकल्प हो सकती है। 

EECP का पूरा नाम Enhanced External Counterpulsation है। यह बिना सर्जरी और बिना चीरे की हार्ट थेरेपी है। इसमें आमतौर पर न इंजेक्शन लगाया जाता है और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।

यह थेरेपी शरीर के बाहर से दी जाती है और दिल तक ब्लड व ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर करने में मदद करती है। आसान भाषा में, EECP थेरेपी दिल तक नए “रास्ते” बनाती है, जिससे खून आसानी से बह सके।इसलिए इसे अक्सर “नेचुरल बायपास” कहा जाता है।  

SAAOL Heartcare Delhi में EECP थेरेपी के साथ-साथ लाइफस्टाइल में बदलाव, stress management, सही एक्सरसाइज और zero-oil diet पर भी ध्यान दिया जाता है। 

 EECP द्वारा इलाज कैसे होता है समझकर हमारे डॉक्टर से जानें कि यह उपचार आपके लिए सही है या नहीं। 

सारांश 

लक्षण कभी साफ होते हैं और कभी बिल्कुल नहीं। रिपोर्ट से घबराएं नहीं, लेकिन परेशानी को गैस समझकर टालें भी नहीं। 

साओल हार्टकेयर दिल्ली में कंसल्टेशन बुक करके अपने लिए सही इलाज के विकल्प समझें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. क्या गैस और हार्ट ब्लॉकेज के दर्द में फर्क घर पर पता चल सकता है?

हर बार नहीं। घर पर केवल लक्षणों के आधार पर गैस और हार्ट से जुड़े दर्द में पक्का फर्क करना संभव नहीं है। हार्ट से जुड़ी परेशानी में सीने का दबाव या भारीपन मेहनत के दौरान बढ़ सकता है और आराम करने पर कम हो सकता है, लेकिन लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। नया, बार-बार होने वाला या फैलता हुआ सीने का दर्द होने पर डॉक्टर से जांच कराएं। 

Q2. क्या सामान्य ईसीजी के बाद भी हार्ट ब्लॉकेज हो सकती है?

हां। ईसीजी दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी दिखाता है, लेकिन यह दिल की नसों को सीधे नहीं दिखाता। आराम के समय किया गया ईसीजी सामान्य आने के बाद भी ब्लॉकेज हो सकती है। लक्षण और रिस्क देखकर डॉक्टर टीएमटी, ईको, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी या दूसरी जांच की सलाह दे सकते हैं।

Q3. क्या कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने पर भी हार्ट ब्लॉकेज हो सकती है?

हां। आज का कोलेस्ट्रॉल सामान्य होना यह साबित नहीं करता कि नसों में प्लाक नहीं है। डायबिटीज, हाई बीपी, धूम्रपान, बढ़ता वजन, उम्र और परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास भी ब्लॉकेज का खतरा बढ़ा सकते हैं।

Q4. क्या पैदल चलने से हार्ट ब्लॉकेज खुल सकती है?

पैदल चलने से ब्लॉकेज सीधे नहीं खुलती। नियमित चलने से फिटनेस, बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल बेहतर रखने में मदद मिल सकती है, जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम हो सकता है। अगर पहले से ब्लॉकेज या सीने में दर्द है, तो एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

Q5. क्या कम उम्र में हार्ट ब्लॉकेज हो सकती है?

हां। हार्ट ब्लॉकेज केवल बुजुर्गों को नहीं होती। धूम्रपान, डायबिटीज, हाई बीपी, बहुत ज्यादा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज का इतिहास युवाओं में भी इसका खतरा बढ़ा सकते हैं।

Q6. क्या सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी और कोरोनरी एंजियोग्राफी एक हैं?

नहीं। सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी एक नॉन-इनवेसिव स्कैन है, जिसमें हाथ की नस से डाई देकर दिल की नसों की तस्वीर ली जाती है। कोरोनरी एंजियोग्राफी में आमतौर पर कलाई की रेडियल आर्टरी या जांघ के पास की फेमोरल आर्टरी से एक पतली ट्यूब यानी कैथेटर डाला जाता है। कौन-सी जांच जरूरी है, यह मरीज के लक्षण और रिस्क पर निर्भर करता है।

Q7. 70% हार्ट ब्लॉकेज का क्या मतलब है?

70% हार्ट ब्लॉकेज का मतलब है कि दिल की नस की चौड़ाई उसके सामान्य हिस्से की तुलना में लगभग 70% कम दिखाई दे रही है। इसका मतलब यह नहीं कि केवल 30% ब्लड फ्लो हो रहा है। ब्लड फ्लो कितना कम हुआ है, यह ब्लॉकेज की जगह, लंबाई और गंभीरता पर निर्भर करता है। इलाज तय करते समय डॉक्टर ब्लॉकेज के प्रतिशत के साथ लक्षण, ब्लड फ्लो और दिल की पंपिंग भी देखते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यह डॉक्टर की जांच या व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है। लक्षण, जांच और इलाज के लिए qualified doctor से सलाह लें।

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